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कांग्रेस मुक्त भारत’ का सपना देखने वाली भाजपा कांग्रेस युक्त होती जा रही है


06 June Vadodara : गुजरात की भाजपा सरकार का अब कांग्रेसी करण हो चुका है, और सिद्धांतों के साथ चलने वाली पार्टी की दिशा बदल गई है। जिससे साबित होता जा रहा है की भारतीय जनता पार्टी चुनाव जीतने के लिए अब किसी भी हद तक जा सकती है।भारतीय जनता पार्टी में ओरिजिनल जनसंघ के नेताओं से ज्यादा अब कांग्रेस के नेता शामिल हो गए हैं।राज्य में सन 1995 में हिंदुत्व के लहर की बहुमति थी और उस वक्त जो भारतीय जनता पार्टी की पहचान थी उससे अलग भारतीय जनता पार्टी के 22% नेता अब कांग्रेस के हैं। सत्ता और सदस्यों के जोर पर पार्टी को टीकाए रखने के लिए भाजपा ने 2002 से 2019 तक विधानसभा के चार और लोकसभा के दो चुनाव में पार्टी में अन्य पार्टी के प्रत्याशियों और अग्रणीयों को शामिल किया है।


भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा में बैठकों की संख्या बढ़ाने के लिए कांग्रेस के विधायकों को तोड़कर भाजपा में प्रवेश दिलवाया है। ऐसे ही लोकसभा के 2014 और 2019 के चुनाव में भी पार्टी के कमजोर प्रत्याशियों को जिताने के लिए भाजपा ने कांग्रेस के विधायकों को भाजपा में घुसाया था।कांग्रेस के पूर्व विधायक या सांसद भाजपा में जुड़े तो यह स्वाभाविक है कि उनके समर्थक और कार्यकर भी भाजपा में जुड़ेंगे। जिससे यह कहा जा सकता है कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का अब बीजेपीकरण होता जा रहा है। गुजरात कांग्रेस में से भाजपा में जुड़े नेताओं में बड़े नेता सांसद और विधायक भी शामिल है,जिनकी संख्या 57 हो गई है।गुजरात में भाजपा की सरकार और संगठन है,जिसमें 22% नेता कांग्रेस के हैं। समाज में अच्छा प्रभाव रखने वाले कांग्रेस के पूर्व विधायकों को भारतीय जनता पार्टी ने सरकार और संगठन में महत्वपूर्ण पद दिए हैं जैसे कि बलवंतसिंह राजपूत को भाजपा सरकार ने गुजरात औद्योगिक विकास निगम का चेयरमैन बनाया है,जबकि कांग्रेस के पूर्व सांसद जीवा पटेल को भाजपा ने गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन चेयरमैन का पद दिया है। राज्य में 2002 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के वर्तमान और पूर्व विधायकों की संख्या 57 हो गई है। इसके अलावा कांग्रेस ने चुनाव में स्थानीय स्वराज्य की संस्थाओं जैसे कि जिला पंचायत, तालुका पंचायत और नगरपालिका के सदस्यों को तोड़कर कांग्रेस की सत्ता भले ही छीन ली हो, लेकिन कांग्रेस मुक्त गुजरात का सूत्र लेकर आगे बढ़ रहे भाजपा में कांग्रेसयुक्त भाजप की खिचड़ी गुजरात में पका दी गई है।स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के कांग्रेस के 1500 जितने सदस्य फिलहाल भाजपा में है।2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने दल बदल करवाकर कांग्रेस के सीनियर नेताओं को पार्टी में प्रवेश दीया था,लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस से बीजेपी में जुड़े कुंवरजी बावलीया,जवाहर चावड़ा को कैबिनेट में महत्वपूर्ण पद दिए गए हैं। ऐसा सौभाग्य भाजपा में सालों से चुनकर आ रहे विधायक बनने वाले सीनियर सदस्यों को भी नहीं मिलता है, लेकिन कांग्रेस से आने वाले नेता को सरकार में फौरन बड़ा पद नसीब हो जाता है।


यानी कुछ ऐसा कह सकते हैं कि गुजरात भाजपा को कांग्रेस नाम की बीमारी लग गई है। इस तरह कांग्रेस को खत्म कर भाजपा में प्रवेश के दरवाजे को खोल कर भारतीय जनता पार्टी क्या सिद्ध करना चाहती है यह पार्टी के बुनियादी कार्यकरो तक को समझ नहीं आ रहा है, लेकिन भाजपा के कार्यकर कहीं ना कहीं पार्टी की इस कार्यप्रणाली से ज्यादा खुश नहीं है, और आने वाले दिनों में भारतीय जनता पार्टी के यह नेता बड़ी बगावत पर भी उतर सकते हैं।

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