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अर्श से फर्श तक का सफर तय करने वाले बिज़नेसमेन विजय मालिया की कहानी


एक ऐसा व्यवसायी था जिसके पास सब कुछ था उसने छोटी उम्र में ही बेहद पैसा कमाया लेकिन वह सब पैसा लगभग लूटा दिया हम बात कर रहे है विजय मालिया की ।


1983 में विजय माल्या के पिता विट्ठल माल्या की मृत्यु के बाद विजय माल्या ने यूएस की एक Paint कंपनी की अपनी नौकरी छोड़ दी और २८ साल की उम्र मे यूबी ग्रुप की कमान अपने हाथ में संभाली ।

३० साल की उम्र में ही विजय माल्या सबकी नजरों में आ गए जब उन्होंने अपनी कोला ब्रांड लॉंच की यूबी ग्रुप उस वक्त शराब के कारोबार पर राज करता था।



लेकिन युवा विजय मालिया का मकसद कुछ और था कुछ ही सालों में माल्या ने बारी बारी कंपनी की दवाइयां,खाद्य पदार्थ और बैटरीया बनाने वाली इकाई को बेच दिया और इस पैसे का उपयोग मालिया ने अपने व्यवसाय को विभिन्न बनाने के लिए इस्तेमाल किया।



२००५ में अपने बेटे सिद्धार्थ माल्या के १८ वें जन्मदिन पर विजय माल्या ने किंगफिशर एयरलाइंस लॉंच किया और जल्दी ही यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइंस बन गई। माल्या ने अपनी ५२ साल की उम्र में फार्मूला वन टीम खरीदी और कुछ साल बाद इंडियन प्रीमियम लीग की फ्रेंचाइजी रोयल चैलेंजरर्स बेंगलुरु खरीद ली विजय माल्या ने अपनी रफ्तार भरी जिंदगी और तड़क-भड़क से भरी पार्टीयो को लेकर अपनी एक अलग पहचान बना ली थी।




तड़क-भड़क से भरी पार्टियों से प्रसिद्ध विजय माल्या ने भारी भरकम पार्टियों के खर्च से अपने कर्जो को बढ़ा दिया था हालात तब बिगड़े गए जब मालिया की ५७ साल की उम्र में उनकी एयरलाइंस बंद हो गई इसके बाद माल्या की हालत लगातार बिगड़ती ही नजर आई कर्जदाता ओने Guarantees को भुनाने की कोशिश की लेकिन कुछ ज्यादा हासिल नहीं हो पाया तभी यूनाइटेड स्पिरिट्स के बोर्ड ने मालिया का इस्तीफा मांग लिया बैंकों ने भी विजय माल्या को विल्फ़ुल डिफॉल्टर घोषित कर दिया जैसे माल्या पर मुकदमे बढ़ते गए तो वह 2016 में भारत छोड़कर लंदन चले गए मालिया का पासपोर्ट दी रद्द कर दिया गया



विजय माल्या ने अपनी संपत्ति को बेचकर ९,०९१ करोड रुपए का कर्ज चुकाने की पेशकश भी की मालिया का आरोप है कि वह राजनीतिक रस्साकशी का शिकार हुए है लेकिन जैसे-जैसे भारत की तरफ से उनके प्रत्यार्पण का दबाव बढ़ता गया वैसे-वैसे मालिया की मुश्किली भी बढ़ती गई ।

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