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स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना मरीज़ो के लिए ज़ारी की नई गाइडलाइन्स ..


Photo By Nafis Khan

देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज कोरोना के मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज करने की नई पॉलिसी जारी की है। पॉलिसी में मरीजों को संक्रमण के लक्षण के आधार पर तीन अलग-अलग कैटेगरी में बांट दिया गया है और तीनों कैटेगरी के मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज करने के अलग नियम तय किए गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पहली केटेगरी में - ऐसे मरीज जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं है या बहुत हल्‍के हैं, उन्‍हें कोविड केयर फैसिलिटी में रखा जाएगा। दूसरी केटेगरी में- जिनमें थोड़े गंभीर लक्षण है उन्हें डेडिकेटेड कोविड हेल्‍थ सेंटर में ऑक्‍सीजन बेड्स पर रखा जाएगाऔर तीसरी केटेगरी में - जिनमें गंभीर लक्षण हैं और ऑक्‍सीजन सपोर्ट पर हैं उन्‍हें क्लिनिकल सिम्‍प्‍टम्‍स दूर होने के बाद ही डिस्‍चार्ज किया जाएगा। इसके अलावा बहोत ही हल्के लक्षण वाले मरीजों को अगर तीन दिन तक बुखार न आए तो दस दिन बाद अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी। इन मरीज़ो का टेम्‍प्रेचर चेक और पल्‍स ऑक्सिमेट्री मॉनिटरिंग रोज ही होगा। हालांकि डिस्चार्ज से पहले उन्हें कोरोना की टेस्टिंग की जरूरत नहीं होगी। लेकिन ऐसे मरीज के लिए डिस्‍चार्ज के बाद सात दिन तक होम आइसोलेशन में रहना अनिवार्य होगा। उसके बाद थोड़े ज्यादा लक्षण वाले मरीजों का बुखार अगर तीन दिन में ठीक हो जाता है और ऑक्‍सीजन सैचुरेशन 95 फीसदी से ज्यादा रहता है।तो दस दिन बाद डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। इन्हें भी डिस्चार्ज से पहले कोरोना टेस्टिंग की जरूरत नहीं है। लेकिन उनके लिए डिस्‍चार्ज के बाद सात दिन तक होम आइसोलेशन में रहना अनिवार्य होगा। गंभीर बीमारी से जूझ रहे कोरोना मरीजों के लिए नियम कुछ सख्त हैं।उन्हें ऑक्‍सीजन सपोर्ट पर रखा जाएगा और क्‍लीनिकल सिम्‍प्‍टम्‍स दूर होने के बाद ही डिस्‍चार्ज किया जाएगा। साथ ही डिस्चार्ज से पहले RT-PCR टेस्‍ट नेगेटिव आना भी अनिवार्य है। इसके अलावा HIV और अन्‍य गंभीर बीमारियों वाले पेशेंट्स को RT - PCR टेस्‍ट में नेगेटिव आने के बाद ही डिस्‍चार्ज किया जाएगा।

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