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इस तरह करें आरोग्य सेतू ऍप्लिकेश का इस्तेमाल....



देश मे कई वक्त से लोक डाउन चल रहा है। पहले एक बार लोक डाउन दिया गया और फिर दोबारा लोक डाउन की घोषणा की गई। लोक डाउन 2.0 की घोषणा करते वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना के सामने लड़ने के लिए एक सप्तपदी की बात कही थी। जिसमे से एक थी आरोग्य सेतु एप्लीकेशन। सरकार पूरे जोरो शोरो से इसी कोशिश में जुटी हुई है कि देश कोरोना नाम की इस महामारी से बाहर आ जाये। हम सब भी सरकार के इन प्रयासों को और ज्यादा मजबूती दे सकते है आरोग्य सेतु एप्लिकेशन इंस्टॉल करके। कोरोना के बढ़ते जाने की असली वजह यह है कि लोगों की इसके बारे में कम जानकारी। कोरोना की सारी जानकारी रखनेवाली एप्लिकेशन अगर सही तरह से इस्तेमाल किया जाए तो कोरोना संक्रमण के खतरे को टाला जा सकता है।वही कोरोना से लड़ने के लिए आरोग्य सेतु एप को सरकार ने सबसे अहम हथियार बताया है और आरोग्य सेतु एप को पहले ही सप्ताह में चार करोड़ से अधिक लोगों ने डाउनलोड भी किया है। तो चलिए पहले तो ये जान लेते है कि ये एप्लिकेशन किस तरह कार्य करता है ? आरोग्य सेतु एप एक कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग एप है। कोरोना वायरस के संक्रमण को ट्रेस करने के लिए केवल भारत ही नहीं, बल्कि कई देश इस तरह के एप की मदद ले रहे हैं।कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग एप लोकेशन और ब्लूटूथ आधारित होते हैं। ब्लूटूथ आधारित एप्स सोशल डिस्टेंसिंग की जांच करता है, क्योंकि ब्लूटूथ की रेंज 10 मीटर तक होती है और सरकार ने सोशल डिस्टेंसिंग के लिए छह मीटर की दूरी निर्धारित की है, जबकि कई शोध में इसे आठ मीटर भी बताया गया है। 10 मीटर की रेंज में किसी के संपर्क में आने पर ब्लूटूथ आधारित एप लोगों को अलर्ट करते हैं। लोकेशन आधारित एप्स की बात करें तो यदि आपके फोन में ऐसे एप्स हैं और आप किसी कोरोना संक्रमित इलाके में जाते हैं तो एप आपको तुरंत अलर्ट करेगा। इस तरह आप अपने आप को कोरोना से बचा पाएंगे। अब जानते है कि इस एप को आप डाउनलोड कैसे करोगे ? आरोग्य सेतु एप एंड्रॉयड और आईओएस दोनों पर उपलब्ध है। इसे एप स्टोर के जरिये डाउनलोड किया जा सकता है। सुनिश्चित करें कि Arogya और Setu के बीच कोई स्थान नहीं हो या फिर एप खोजने के लिए सर्च बार में 'AarogyaSetu' टाइप करें।अंग्रेजी और हिंदी समेत आरोग्‍य सेतु एप 11 भारतीय भाषाओं में उपलब्‍ध है। इंस्‍टॉल करने के बाद एप को खोलें और अपनी पसंदीदा भाषा का चुनाव करे। इस तरह आप अपनी पसंदीदा भाषा मे इस एप से जानकारी ले सकते है। इनफॉर्मेशन पेज को ध्‍यान से पढ़ें और 'रजिस्‍टर नाउ' बटन पर टैप करें।आरोग्‍य सेतु एप को ब्‍लूटूथ और जीपीएस डेटा की जरूरत पड़ेगी। एप को काम करने के लिए इसकी अनुमति दें। आरोग्य सेतु कॉन्‍टैक्‍ट ट्रेसिंग के लिए आपके मोबाइल नंबर, ब्लूटूथ और लोकेशन डेटा का उपयोग करता है और बताता है कि आप कोरोना के जोखिम के दायरे में है या नहीं। एप तभी काम करता है जब आप अपने मोबाइल नंबर को रजिस्‍टर करते हैं और ओटीपी से उसे वेरिफाई करते हैं। एक वैकल्पिक फॉर्म भी आता है जो नाम, उम्र, पेशा और पिछले 30 दिनों के दौरान विदेश यात्रा के बारे में पूछता है।आप इस फॉर्म को स्किप कर सकते हैं। हालांकि, अगर आप जरूरत के समय में वॉलेंटियर यानी स्वयंसेवक बनने की इच्छा रखते हैं तो आपके पास खुद को इसमें नामांकित करने का विकल्प है।एप हरे और पीले रंग के कलर में जोखिम के स्‍तर को दिखाता है। यह भी सुझाव देता है कि आपको क्‍या करना चाहिए।अगर आपको ग्रीन में दिखाया जाता है और बताया जाता है कि 'आप सुरक्षित हैं' तो कोई खतरा नहीं है।कोरोना से बचने के लिए आपको सोशल डिस्‍टेंसिंग को बनाए रखना चाहिए और घर पर रहना चाहिए। अगर आपको पीले रंग में दिखाया जाता है और टेक्‍स्‍ट बताता है कि 'आपको बहुत जोखिम है' तो आपको हेल्‍पलाइन में संपर्क करना चाहिए।इसके अलावा आरोग्‍य सेतु एप पर आप 'सेल्‍फ एसेसमेंट टेस्‍ट' फीचर का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।इस फीचर का इस्‍तेमाल करने के लिए ऑप्‍शन पर क्लिक करें और फिर एप चैट विंडो खोल देगा। इसमें यूजर की सेहत और लक्षण से जुड़े कुछ सवाल किए जाएंगे। और हेल्पलाइन नंबर का पता लगाने के लिए आपको कोविड-19 हेल्‍थ सेंटर्स बटन पर क्लिक करना होगा और अपने शहर की लोकेशन तक पहुंचने के लिए स्‍क्रॉलडाउन करना होगा। इससे आप कोरोना हेल्पलाइन नंबर्स पा सकते है।



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