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धीरू मिस्त्री अपने जन्मदिन में मिले तोहफ़े से हुए भावुक...



धीरू मिस्त्री के यादों के पिटारे में आज बात होनेवाली है उनके जन्मदिन की। उनके जन्मदिन पर उन्हें जो तोहफा मिला वो उनके लिए बहोत खास रहा और उस तोहफे को देखकर भावुक होकर उन्होंने अपने परिजनों के लिए कुछ शब्द कहे। जो यहाँ पर मौजूद है।

मेरे प्यारे परिवारजनों और दोस्तो,

आज मेरी आंखों में आंसू हैं। तो क्या में खुश हु या में उदास हु ? नही , में ना खुश हु ना ही उदास। बस में भावुक हु। दरअसल हमारे बेटे ऋषिराज और पोते करण हमसे मिलने आए थे। वो मेरे जन्मदिन की शुभकामना देने आए थे । लेकिन शुभकामना देते हुए वह मुझे ऐसा तोहफ़ा देंगे यह मैंने नही सोचा था। आने के बाद ऋषिराज और करण ने मेरे और मेरी पत्नी कुसुम के सामने लैपटॉप को रखा। लेपटॉप चालू कर उस पर उन्होंने मुझे अपने परिजनों के संदेश दिखाए। जिसकी शुरुआत हुई मेरी बहन शारदा के संदेश से। उसके बाद मेरे बेटे, बहू, दामाद, भतीजे, भतीजी, अमेरिका में रहने वाले ग्रैंड चिल्ड्रन, सुरेंद्रनगर, सिक्किम आदि शहरों से सभी परिवारजनों ने मेरे बारे में बात की। उन्होंने संदेश में मुझे बताया कि उन्हें मुझ पर और मेरी उपलब्धियों पर गर्व है। अब तक वे हमेशा मेरी आलोचना करते थे लेकिन आज मुझे पता चला कि वे मुझसे कितना प्यार करते हैं। उन्हें मेरी कितनी परवाह है। मेरा जन्मदिन है वो तो ठीक है लेकिन आज मुझे जो प्यार आप सबसे मिला है उससे मुझे बहोत खुशी हुई। इसलिए आप सभी को मेरा प्यार।


धीरू मिस्त्री - यादों का पिटारा