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देश में लागू हुए आपातकाल के आज 45 साल पूर्ण



25 जून 1975 को देश भर में इंदिरा गांधी द्वारा की गई आपातकालीन घोषणा, भारतीय राजनीति के इतिहास का काला अध्याय माना जाता है। आज इस आपातकाल को 45 साल पूरे हुए हैं ।यह आपातकाल 22 मार्च 1977 तक लागू रहा। तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने इंदिरा गांधी सरकार के कहने पर भारतीय संविधान की धारा 352 लागू करते हुए देश भर में आपातकाल की घोषणा की, इस दौरान चुनाव स्थगित कर दिए गए थे ।आपातकाल लागू करने की कई वजहों में से एक है ,12 जून 1975 को इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला ।रायबरेली चुनाव में सरकारी मशीनरी के उपयोग का दोषी पाया गया था ,और चुनाव खारिज किया गया था। आपातकाल के खिलाफ जयप्रकाश नारायण, मोरारजी देसाई ,अटल बिहारी बाजपेई, लालकृष्ण आडवाणी, मुलायम सिंह समेत तमाम विपक्ष नेताओं के नेतृत्व में देश भर में भारी विरोध प्रदर्शन हुए, जिसको लेकर इन सभी नेताओं को जेल में ठूंस दिया गया । इंदिरा गांधी और उनके पुत्र संजय गांधी ने मनमानी के लोगों को जैसे कैद कर लिया था। मिसा के तहत निर्दोषों को भी जेल हुई। देश जैसे एक जेल बन गया था। देश में लोकतंत्र की हत्या की गई थी। नागरिकों के अधिकारों का हनन हुआ था। आखिरकार लोकनायक जयप्रकाश नारायण की लड़ाई रंग लाई और इंदिरा गांधी को सत्ता छोड़नी पड़ी ।मोरारजी देसाई की अगवानी में जनता पार्टी का गठन हुआ। सन 1977 में हुए चुनाव में कांग्रेस ने बुरी तरह मुंह की खाई। इंदिरा गांधी भी रायबरेली से चुनाव हारी। 23 मार्च 1977 को 81 साल की उम्र में मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने और आपातकाल स्थिति का अंत हुआ। प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई यह सरकार आजादी के 30 साल बाद बनी पहली गैर कांग्रेसी सरकार थी।


आपातकाल के दौरान संजय गांधी पर देश भर में नसबंदी कराने का जुनून सवार था।इस दौरान 60 लाख लोगों की nasbandiyaan की गई,और गलत ऑपेरशन के चले 2000 लोगों की मौतें हो गई थी।

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