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कोरोना से जुड़े कुछ Myths और Facts...


कोरोना संक्रमण जैसे जैसे बढ़ता जा रहा है वैसे वैसे उसके बारे में अफवाएं भी बढ़ती जा रही है। आप ने भी कई ऐसी अफवाएं सुनी होगी तो चलिए आज जान लेते है कि क्या है कोरोना से जुड़े Mythsऔर Facts. ताकि आप किसी भी जुठ को सच मानकर कोई गलती ना करे। 1. कोरोना वायरस सामान्य सर्दी झुकाम का परिवर्तित वर्झन है। ये बात सच नही है। हालांकि कोरोना के लक्षण बिल्कुल सामान्य सर्दी झुकाम जैसे है लेकिन यह वायरस सर्दी झुकाम से कई ज्यादा गंभीर है। 2. अल्कोहोल के सेवन से इस वायरस से बचा जा सकता है। ये बात सच नही है और ऐसा करने से आपकी इम्युनिटी कम भी हो सकती है। 3. लहसुन खाने से संक्रमण के खतरे को टाला जा सकता है। इस बात का ऐसा कोई पुख्ता सबूत नही है ।इएलिये इसे सच नही माना जा सकता। 4. हैल्थी लोगों से संक्रमण का खतरा नही होता। कोई भी इंसान वायरस को फैला सकता है। इसीलिए सोशियल डिस्टनसिंग का पालन करना ही ज्यादा हितावह है। 5. कोरोना हवा में फैलने वाला वायरस है। यह ज्यादातर संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। 6. होमियोपैथिक या चाइनीज़ दवाइयों से कोरोना को ठीक किया जा सकता है। इस बात में कोई सच्चाई नही है। कोरोना की कोई भी दवाई अब तक ढूंढी नही गई है। 7. N 95 मास्क उन के लिए ज्यादा जरूरी है जो कोरोना के मरीज़ो के साथ काम करते है। हर किसी के लिए इस मास्क का इस्तेमाल जरूरी नही है। 8. कोरोना वायरस गर्मियों में नही टिक पायेगा। इस बात को साबित करने के लिए कोई सबूत नही है। ज्यादा टेम्प्रेचर होने के बावजूद कई देशों में कोरोना के केस में बढ़ोतरी देखने मिली है। 9. युथ को कोरोना वायरस का कोई खतरा नही है। हर उम्र के लोगों पर संक्रमण का खतरा बना हुआ है। 10. एंटीबायोटिक्स की मदद से कोरोना को रोका जा सकता है। इस बात में कोई सच्चाई नही है कयूकी एंटीबायोटिक्स सिर्फ बैक्टरिया के सामने काम करती है जब कि कोरोना एक वायरल डिसीज है। 11. न्यूमोनिया की वैक्सीन कोरोना के सामने बचा सकती है। ये बात सच नही है। अब तक कोरोना के इलाज के लिए कोई वैक्सीन मिली नही है। 12. शरीर पर अल्कोहल या क्लोरीन छिड़कने से कोरोना को मारा जा सकता है। जब वायरस बॉडी में एंटर हो जाये तब ऐसा कुछ भी करके उसे रोका नही जा सकता। बल्कि ऐसा करने से उसे और बढ़ावा मिलता है। 13. थर्मल सकैनर्स से संक्रमण का पता लगाया जा सकता है। इस बात में कोई सच्चाई नही है। थर्मल सकैनर्स में सिर्फ बुखार का पता लगाया जा सकता है। 14. अल्ट्रा वायलेट डीसिन्फेक्शन लैंप और हैंड ड्रायर की मदद से वायरस को मारा जा सकता है। ये बात जूठी है। 15. अगर 10 सेकण्ड्स तक साँस रोकी जाए तो वायरस को टाला जा सकता है। सास रोकने से संक्रमण को रोका नही जा सकता इसलिए ये बात भी जूठी है। इसलिये ऐसे कोई भी Myth आप सुने तो उन की सच्चाई को परख ने की कोशिश जरूर करे। बिना जांचे किसी भी बात को मान लेने से आप ही को नुकसान हो सकता है। इसलिए ऐसी बातों पर ज्यादा ध्यान दे और जरूरी हर एहतियात बरतें।


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